नमस्कार दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम CIBIL score के बारे में बात करेंगे| की CIBIL score क्या है? CIBIL score कैसे बढ़ाया जा सकता है| अगर आप भी CIBIL score के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानना चाहते है तो आपसे अनुरोध है की आप इस आर्टिकल को अंत तक जरुर पढ़े|
अगर आपका बिजनेस बड़ा है और उससे आप अच्छी आय प्राप्त कर लेते है| और उस बिजनेस को बढ़ाने के लिए आपको लेने की जरूरत है और बेंक आपको लोन देने से मना कर देता है क्योंकि आपका CIBIL score अच्छा नही है| बेंक किसी भी व्यक्ति को लोन देने से पहले उस व्यक्ति के बारे में सारी जानकारी लेता है और फिर CIBIL score को ध्यान में रखते हुए लोन देता है|
अगर आपक भी लोन लेना चाहते है तो आपको CIBIL score के बारे में जानकारी होनी चाहिए| अगर आप CIBIL score के बारे में नही जानते है तो कोई बात नही आज के इस आर्टिकल में हम आपको CIBIL score के बारे में सारी जानकारी देने वाले है आपको सिर्फ इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ना है| अगर आपने यह आर्टिकल अंत तक पढ़ लिया तो आप आसानी से CIBIL score के बारे में समझ जाओगे|
CIBIL score क्या है? Credit Score क्या है?
दोस्तों सबसे पहले में आपको CIBIL score के बारे में बता देता हु की CIBIL score क्या होता है? दोस्तों Credit score और CIBIL score एक ही होते है आप अलग अलग नाम देखकर कन्फ्यूज मत हो जाना|
दोस्तों अगर सरल शब्दों में कहे तो CIBIL score आपके finance branch से कनेक्ट है| दोस्तों cibil score 3 अंको वाली संख्या में होता है| मुख्यतया 300 से 900 के बीच cibil score होता है| यह सारा काम cibil कंपनी ही करती है| सामान्यतया ट्रांसयूनियन सिबिल कम्पनी के नाम से जाना जाता है|
सिबिल कंपनी क्या करती है?
दोस्तों यह कंपनी व्यक्ति के क्रेडिट स्कोर की report तैयार करती है| और यह कंपनी ही किसी भी व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड से सम्बंधित जानकारी रखती है| और यह कंपनी ही बताती है की व्यक्ति को लोन देना है या नही| क्योंकि यह कंपनी क्रेडिट स्कोर के बारे में जानकारी रखती है और इस जानकारी के आधार लोन देने के बारे बताती है|
दोस्तों इस कंपनी की शुरुआत सन 2000 से मानी जाती है| और इसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में स्थित है| वर्तमान में राजिव कुमार मैनेजिंग डायरेक्टर है और एम.वी.नायर चेयरमैन है|
CIBIL score कैसे तैयार होता है?
जब भी आप किसी भी बेंक से लोन लेते है और उसकी मासिक/वार्षिक किस्तों का भुगतान करते है उसी को ध्यान में रखकर सिबिल score तैयार किया जाता है| यानी आपने जो लोन लिया है उसका भुगतान आपने समय पर किया है या नही, ऐसे पर 30 प्रतिशत CIBIL SCORE होता है|
कितने सिबिल स्कोर पर दिया जाता है लोन?
दोस्तों यह निर्भर करता है आपने पहले जो भी लोन लिया है और उसका किस तरह से भुगतान किया है| उसके को ध्यान में रखकर ही सिबिल स्कोर तैयार किया जाता है|
क्रेडिट स्कोर जिसे हम सिबिल स्कोर भी बोलते है वह 3 अंको का होता है| जजों सामान्यतया 300 से 900 के मध्य हो सकता है| जितना ज्यादा cibil score होगा आपको लोन उतना ही आसानी से मिलेगा और जितना cibil score कम होगा लोन मिलने में उतनी ज्यादा परेशानी होगी, cibil score खराब होने पर बेंक लोन देने से मना कर देती है|
अब आपको बताते है की कितना cibil score सही होता है और कितना सही नही|
- Cibil/Credit Score 300 से 550 के बीच - अगर आपका cibil या क्रेडिट स्कोर 300 से 550 के बीच है तो यह सबसे खराब स्थिति में है| 300 से 550 के बीच cibil score होने पर कोई भी बेंक आपको लोन देने के लिए तैयार नही होगा|
- Cibil/Credit Score 550 से 650 के बीच - अगर आपका cibil score 550 से लेकर 650 के बीच है तो इसे औसत दर्जे का क्रेडिट स्कोर माना जाता है| इस स्थिति में लोन देना बेंक की मर्जी पर निर्भर करता है की बेंक आपको लोन दे या ना दे| अगर लोन देती भी है तो ज्यादा ब्याज दर पर देने से इनकार कर देती है|
- Cibil/Credit Score 650 से 750 के बीच - अगर आपका cibil score 650 से 750 के बीच है तो बेंक आपको लोन देने में आपकी सहायता कर सकता है| क्योंकि यह एक अच्छा credit score है
- Cibil/Credit Score 650 से 750 के बीच- अगर आपका cibil score 750 से 900 के बीच है तो बेंक आपको बिना देर किये कम ब्याज पर लोन देने के लिए तैयार हो जायेगी| क्योंकि यह सबसे अच्छा क्रेडिट स्कोर माना जाता है|
CIBIL score की रिपोर्ट कैसे प्राप्त करे?
CIBIL score के खराब होने के मख्य कारण
- समय पर EMI न भरना
- ज्यादा से ज्यादा बेंको से लोन के लिए संपर्क करना|
CIBIL score कैसे बढ़ाये - CIBIL score बढ़ाने के लिए 7 आसान से उपाय
अब हम आपको CIBIL score कैसे बढ़ाये , इसके बारे में विस्तार से बताने वाले है|
Credit Card bill का समय पर करे भुगतान
EMI का समय पर करे भुगतान
CREDIT CARD का सही इस्तेमाल करे?
जिम्मेदारी से ले कर्ज
Credit की रेटिंग रखे अच्छी
- 1. secured सुरक्षित - इसमें लोन लेने वाले व्यक्ति की प्रॉपर्टी गिरवी रखकर लोन लिया जाता है जिसे secured या हिंदी में सुरक्षित लोन कहते है| जैसे - home loan , Car loan आदि
- 2. insecured असुरक्षित - यह लोन , लोन लेने वाले व्यक्ति को कुछ भी गिरवी रखना नही पड़ता है इस कारण इसे insecured या असुरक्षित लोन कहते है| जैसे - क्रेडिट कार्ड आदि

